शपथ के बाद का पथ
इलेक्शन हो गए ,रिजल्ट आ गया ।शपथ भी हो गई, अब होगा नया अध्याय। नए पुराने चेहरे ,वही पुरानी बातें और आने वाले कल की बुनियाद को लेकर देश की सरकार चलेगी ।
शपथ के बाद का पथ क्या होगा ,कैसा होगा ।सही होगा ,गलत होगा ,आसान होगा ,कठिन होगा।। इन सवालों के साथ सरकार चलेगी ।सामने प्रजा की अपेक्षाएं कुछ बढ़ेगी ,कुछ पुरानी मांगों को दोहराया जाएगा।और कुछ नई इच्छाएं व्यक्त करेंगी ।।
देखना यह है 5 साल का कार्यकाल कौन कैसे बिताता है ।विपक्ष लड़ेगा, विवाद करेगा ,विरोध करेगा, और अधूरी बाजी को जीतने की कोशिश करेगा। आने वाले चुनाव के लिए नई तैयारी होगी ।साथ में एक चुनौती भी है जितने भी है साथी, वह टूटे नहीं फूट नहीं, और चले ना जाए ,एकता बरकरार रहने चाहिए ।दूसरी तरफ जिस प्रजा की सेवा के लिए सभी लोग चुनाव लड़े हैं। उनकी सेवा कायम रहनी चाहिये ।और उनके प्रश्न को वाचा देनी चाहिए ।
सत्ताधारी पार्टी का पथ एक अलग होगा।। नई चुनौतियां ,नए सपने और देश की उन्नति यही निश्चित होगा ।साथ में विरोध और हार दोनों को संभल के जीत में परिवर्तित करना यह भी एक लक्ष्य है। चुनाव जीते ना जीते लोगों का दिल अब जितना ही होगा ।
अब यह भटकेगी कैसे पथ ,अब यह रास्ता ..यह कैसे अध्याय शुरू होगा।। शुभकामनाओं का डेरा ,शुभकामनाओं का दौरा और भरमार ।एक दूजे को करीब आने के लिए भेट सौगात।दूसरी तरफ पार्टी को मजबूत बनाने के लिए रणनीति ,तीसरी तरफ जहां जीते उसे जगह को संभालना ।जहां हारे वहां पर दोबारा प्रभुत्व जमाना।। और सबसे अहम पक्ष ,विपक्ष को तोड़ना जोड़ना कार्यकर्ता को सक्रिय करना ।उद्घाटन में जाना ,समारंभ करना, जगह-जगह दौरा करना, देश-विदेश में संबंध प्रस्तावित करना आदि आदि ।।
अगर उपरोक्त बातों में
जो भी समय व्यतीत होगा उतना समय प्रजा की सेवा के कार्यकाल का कम हो जाएगा।। मतलब पक्ष ,पार्टी ,सत्ता , हार जीत दोषारोपण कावेदावे और प्रतिष्ठा , सत्ता की जंग में प्रजा कहीं खो ना जाए इसका ध्यान रखना होगा ।
एक वोट क्या कर सकता है यह शक्ति सभी लोग जानते हैं ।अब तक जो वोट नहीं गए, जो वोट आए नहीं, जो वोट किया नहीं, वह अगर सक्रिय हो जाए तब सही लोकशाही बुलंद बनेगी ।
अब नेतृत्व को अच्छे कार्यों में सहकार देकर देश को समृद्ध बनाना होगा।।
डॉ राजेश भोजक
एक विचारात्मक अभिप्राय




