उत्तर-पूर्व की जगह को खाली रखें – वास्तु दोष से बचाव के लिए घर के उत्तर पूर्व हिस्से को खाली रखें
🔹घर की दक्षिण पश्चिम दिशा में अधिक खाली जगह न रखें।
🔹ईशान कोण में खुली जगह रखें।
🔹 घर वास्तु, देव, ग्रह 11 प्रकार के दिशा अनुसार यन्त्र लगाएं एवं घर के बीचोबीच में मधु स्थापना करें।
🔹 पानी टंकी सही जगह पर लगाएं, घर के दक्षिण पूर्व कोने के ऊपर पानी की टंकी कभी न रखें, धन की हानि हो सकती है।
🔹भारी वस्तुओं को सही जगह पर रखें।
🔹भारी उपकरण या मशीनरी जैसे वाशिंग मशीन, अलमारी या यहां तक कि भारी सोफे को घर के दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखें।
🔹दक्षिण पश्चिम मुखी द्वार वाले घर में भंडारण घर के दक्षिण पश्चिम क्षेत्र में भारी वस्तुओं को स्टोर करें।
🔹दक्षिण पश्चिम दिशा में बने टॉयलेट के दरवाजे हमेशा बंद रखें ये नकारात्मक ऊर्जा को आपके घर के अंदर आने से रोकता है।
🔹दक्षिण-पश्चिम दिशा में बने बाथरूम का शीशा या तो पूर्व या उत्तर में रखें
🔹घर की दक्षिण पश्चिम दिशा में अधिक खाली जगह न रखें।
🔹ईशान कोण में खुली जगह रखें।
🔹 घर वास्तु, देव, ग्रह 11 प्रकार के दिशा अनुसार यन्त्र लगाएं एवं घर के बीचोबीच में मधु स्थापना करें।
🔹पानी टंकी सही जगह पर लगाएं, घर के दक्षिण पूर्व कोने के ऊपर पानी की टंकी कभी न रखें, धन की हानि हो सकती है।
🔹भारी वस्तुओं को सही जगह पर रखें।
🔹भारी उपकरण या मशीनरी जैसे वाशिंग मशीन, अलमारी या यहां तक कि भारी सोफे को घर के दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखें।
🔹दक्षिण पश्चिम मुखी द्वार वाले घर में भंडारण घर के दक्षिण पश्चिम क्षेत्र में भारी वस्तुओं को स्टोर करें।
🔹दक्षिण पश्चिम दिशा में बने टॉयलेट के दरवाजे हमेशा बंद रखें ये नकारात्मक ऊर्जा को आपके घर के अंदर आने से रोकता है।
🔹दक्षिण-पश्चिम दिशा में बने बाथरूम का शीशा या तो पूर्व या उत्तर में रखें।
🔹दक्षिण पश्चिम बाथरूम का दरवाजा लकड़ी से बना हो न कि धातु से।
🔹दक्षिण पश्चिम में बने बाथरूम तथा टॉयलेट को पेंट करने के लिए ग्रे और हल्के नीले रंग का इस्तेमाल करें।
🔹दक्षिण-पश्चिम में कुछ नया बनवाने से बचें।
🔹घर का विस्तार दक्षिण पश्चिम क्षेत्र में न करें।
🔹उत्तर-पूर्व की ओर ढलान रखें।




