पहले दिन प्रथम सत्र में बीके मंजू ने दैनिक जीवन में अध्यात्म और राजयोग की भूमिका पर चर्चा की। शाम को हारमोनी हॉल में स्वागत सत्र हुआ।
मीडिया विंग आरईआरएफ आबू रोड के वाइस चेयरपर्सन बीके आत्म प्रकाश ने कहा कि बहुत खुशी है कि इलेक्शन वेव और हीट वेव के बाद भी बड़ी संख्या में पत्रकार आए हैं। उन्होंने कहा कि पैसा और साधन के बाद भी अशांति, दुख, रोग और झगड़े हैं। इसका कारण पांच विकार काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार हैं। इन पांच विकारों की जड़ है देह अभिमान। इसका निदान यह है कि हम सब आत्मा भाई-भाई हैं, इसका अभ्यास करना है।
श्री आत्म प्रकाश ने कहा कि 3 C को ध्यान में रखकर काम करें तो समस्त समस्याओं का समाधन हो सकता है। ये हैं- कलेक्शन (ज्ञान का कलेक्शन करो), करेक्ट (अपनी सभी कमियों को करेक्ट करो) और कनेक्शन (योग द्वारा परमात्मा शिव बाबा से आत्मा का कनेक्शन)। इन्हीं से शांति और शक्ति मिलेगी। जीवन खुशनुमा बनेगा। हमें राजयोगी वाला जीवन बनाना है।
मीडिया विंग आरईआरएफ, मुंबई के राष्ट्रीय समन्वयक और जाने-माने प्रेरक वक्ता बीके निकुंज ने कहा- तीन दशक से वर्ष में दो बार मीडिया सम्मेलन हो रहा है। पहली बार है कि यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय हो रहा है क्योंकि इसमें लंदन से भी पत्रकार आए हैं। ज्ञान सरोवर ऐसा सरोवर है जिसमें डुबकी लगाकर ज्ञान, शांति और खुशी ले जा सकते हैं। यहां से लौटते समय आप जो खुशी ले जाएंगे, यही हमारी फीस होगी।
श्री निकुंज ने कहा कि ई आई यू को अफनाएं तो नई सामाजिक व्यवस्था का निर्माण होगा। ये हैं- E- एजुकेट (शिक्षित करो), I- इंस्पायर (प्रेरित करो) और U यूनाइट (एकजुट करो)। उन्होंने कहा कि इसी तरह की चीजें वायरल करो। पहले भी मीडिया का यही उद्देश्य था।
घाटकोपर (मुंबई) ब्रह्माकुमारी की सब जोनल इंचार्ज बीके नलिनी ने कहा कि लोगों को नजरिया बदलने का कार्य मीडिया कर सकता है। नजर सबके पास है लेकिन नजरिया अलग-अलग है। नजरिया बदलने के लिए ब्रह्मा बाबा ने दिव्य नेत्र का उपहार दिया है। तीसरा नेत्र खोला है। इसी से जगत को देखो।
उन्होंने कहा- स्मृति में रहे कि सब मेरे परिजन हैं। प्रभु के बच्चे हैं। मैं आत्मा हूँ और शरीर का मालिक हूँ। सबको मिलकर समाज को सुधारना है। प्रभु नई सृष्टि की रचना कर रहे हैं जिसमें कोई दुखी और अपवित्र नहीं रहेगा।
वलसाड़ की जोनल समन्वयक बीके रंजन ने कहा- नया संसार बनाना है। इसके लिए मीडियाकर्मी समाज परिवर्तन का विजन बनाएं। ऐसे समाचार दें जिससे समाज परिवर्तन हो सकता है। राजयोग सीखें। परमात्मा से शक्ति भरें तो विजन बनेगा। उन्होंने ध्यान भी कराया।
संचालन करते हुए मुख्यालय मीडिया समन्वयक बीके चंदा ने कहा- परमात्मा पर फोन नहीं है लेकिन हम बात करते हैं। परमात्मा पर फेसबुक नहीं है फिर भी वह हमारा दोस्त है। परमात्म पर इस्टाग्राम नहीं है फिर भी हम फॉलो करते हैं।
मधुर वाणी ग्रुप के सतीश भाई के निर्देशन में स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। यह ग्रुप ब्रह्माकुमारी माउंट आबू में 5 दशक से सेवा दे रहा है। इन्होंने गीत लिखा, गाया और धुन भी बनाई।
बीके डेवेड किलोव्स्की ने दिव्य संगीत प्रस्तुत किया। उन्होंने शांति का संदेश देने वाली बंशी पर मधुर ध्वनि बिखेरी। वे संगीतकार के साथ-साथ आर्टिस्ट भी हैं।
आदि नृत्यकला डांस एकेडमी खड़गपुर ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया।
इससे पहले वीडियो फिल्म के माध्यम से आत्मा और परमात्मा का रहस्य बताया गया।




