और हमने भी शुरू से ही यही माना है की पितृ जो होते हैं वह सबसे बड़े देवता है ।
सब भगवानों से सबसे बड़े हैं क्योंकि पितृ आज मैं उनको बता रही हूं
जो लोग हमसे जुड़े हुए होते हैं जिन लोगों की मृत्यु हो जाती है और हम उनको पूजा पाठ करके उनको देवता बना देते हैं।
जब हम उनको देवता बना देते हैं तो मैं आपसे यह जरूर कहूंगी कि उनसे बड़ा देवता कोई नहीं है ।
अगर आपने उनको सच्चे मन से मान लिया और उनके लिए सब कुछ कर लिया तो आपकी हर जगह मदद करने के लिए वह हमेशा खड़े होते हैं ।
क्योंकि यह किसी न किसी के साथ जरूर हुआ होगा जब किसी घर परिवार में किसी बुजुर्ग की मृत्यु हो जाती है तो उसके बाद में वहा परिवार फलने फूलने लग जाता है क्योंकि उनका आशीर्वाद मिलता है।
जो पितृ आपने अपने देखे हो और उनको आप पूज रहे हैं देवता के रूप में तो आप देखना वह आपकी हर प्रकार की रक्षा करेंगे ।
शायद है बहुत लोग पूजा करते हैं अपने पितरों की और उनके घर परिवार बहुत सुखी रहता है ।
ऐसे घर में कभी भी अन्न धन की कमी नहीं होती है कभी भी कर्ज नहीं होता है ।
बच्चे ऐसे परिवार में हमेशा बहुत अच्छे होते हैं ऐसे घरों में गुनी बच्चे होते हैं संस्कारी बच्चे होते हैं जहां अपने पितरों को देवता के रूप में पूजा जाता है ।
और हम उत्तराखंड से हैं तो हमारे उत्तराखंड में तो सबसे पहले कोई भी पूजा होती है पितरों का नाम पहले लिया जाता है।
और उनकी पूजा पहले होती है।
और उसके बाद में सभी देवी देवताओं का नाम लिया जाता है क्योंकि हम लोगों में पितृ से बढ़कर कोई देवता नहीं होता
और कहते हैं की मामा से बढ़कर कोई रिश्तेदार नहीं होता है
पितरों की पूजा जरूर कीजिए और उनको एक देवता के रूप में अगर आप पूजेंगे तो आपका वह हमेशा साथ देंगे
लेकिन अगर अपने पितरों को कोई स्थान नहीं दे रखा है या पितरों की फोटो पर कोई हार नहीं चढ़ा रखा है उनकी कभी पूजा नहीं करते उनका कभी नाम नहीं लेते तो वह पितृ आपसे हमेंशा रुष्ट रहते हैं ।
और आपके घर में अन्य धन की कमी कर देंगे संतान बाधा कर देंगे संतान को गलत रास्ते पर कर देंगे और इसके साथ में कर्ज की स्थिति हमेशा आप पर बनी हुई रहेगी।
लेकिन जब आप अपने पितरों के लिए हर अमावस्या पर दान करते हैं और उनकी पुण्यतिथि पर दान करते हैं या कोई भी तीज त्यौहार आते हैं और सबसे पहले आप अपने पितरों के लिए कोई भी चीज निकल करके रखते हैं
तो उस घर पर कभी भी नकारात्मक प्रभाव आ ही नहीं सकता है क्योंकि पितृ ही आपके साथ-साथ होते हैं ।
वह आपके बुरी चीजों में भी होते हैं आपको देख रहे होते हैं क्या आप क्या गलत कर रहे क्या सही कर रहे हैं ।
और एक पत्र ही है जो हमें हरदम हमारे साथ हो करके हमें अच्छा रास्ता दिखाते हैं
शायद है बहुत लोग ऐसे होंगे जिनका पितृ सपने में आकर के भी कुछ ना कुछ अच्छा रास्ता दिखा देते हैं और व्यक्ति अगर उसे रास्ते पर चल जाए तो उसे परिवार का जीवन धन्य हो जाता है ।
मैं तो सिर्फ यही कहूंगी कि आप बाहर के गुरु बनाते हैं और उनकी पूजा करते हैं लेकिन पूजा आप अपने पितरों की कीजिए ।
जब आप अपने पितरों की पूजा करेंगे आपको साथ-साथ दर्शन भी देंगे और आपके सब कार्य भी बनाएंगे।
अमावस्या पर दान धर्म कीजिए जिन लोगों की पितृ है और उन पितरों की फोटो पर हार नहीं है उनको हार जरूर डालनी चाहिए।
उनकी पूजा हमेशा करनी चाहिए जब आप अपने घर के मंदिर में पूजा करते हैं तो उनकी भी पूजा धूप अगरबत्ती से उनकी भी पूजा करनी चाहिए ।
उनका भी नाम लेना चाहिए उनसे भी हमेशा आशीर्वाद लेना चाहिए आप इस तरह से करेंगे आप देखना आपके घर परिवार सुख शांत रहेगा यह करके देखिए और फिर इसका फायदा देखिए ।
जो काम नहीं बन रहा हो आप अपने पितरों के आगे अगर आप उस काम के लिए बोलेंगे आपका काम जरूर होगा।
और हां जिन लोगों ने अपने पितरों को सताया हो या उनके साथ में कुछ भी गलत व्यवहार किया हो वह परिवार कभी भी सुखी नहीं रहता है।
जिस घर में क्लेश होता है
जिस घर में बच्चों की शादी नहीं हो रही है
जिस घर में संतान उत्पत्ति नहीं हो रही है
वहां पर बहुत बड़ा पितृ दोष है।




