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■ यह नुस्खा किसी भी प्रकार के रक्तस्राव को रोकने में कारगर है।
■ महिलाओं के मासिक धर्म में अधिक रक्तस्राव या श्वेत प्रदर की बीमारी में भी कारगर है।
■ हैजा, वमन या हिचकी रोग में यह भस्म एक घूँट पानी के साथ लेनी चाहिए।
●●परहेज़●●
■ दवा लेने के एक घंटा पहले और एक घंटा बाद तक कुछ न खाएं तो बहुत अच्छा रहेगा।
■ अगर रोग ज्यादा जीर्ण हो और एक दिन दवा लेने से लाभ न हो तो दो या तीन दिन लेकर देखिए।
हम आपके लिए कोने कोने से कुदरत के अनसुने चमत्कारिक नुस्खे ले कर आते हैं, आप इनको आजमायें और फायदा होने पर ज़्यादा से ज़्यादा लोगो तक पहुंचाए।
●विशेष सावधानियां●
- बवासीर से बचने के लिए गुदा को गर्म पानी से न धोएं। खासकर जब तेज गर्मियों के मौसम में छत की टंकियों व नलों से बहुत गर्म पानी आता है तब गुदा को उस गर्म पानी से धोने से बचना चाहिए।
- एक बार बवासीर ठीक हो जाने के बाद बदपरहेजी (जैसे अत्यधिक मिर्च-मसाले, गरिष्ठ और उत्तेजक पदार्थो का सेवन) के कारण उसके दुबारा होने की संभावना रहती है। अत: बवासीर के रोगी के लिए बदपरहेजी से बचना परम आवश्यक हैl
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