तारीख: 24 नवंबर 2024, शाम 5 से 6:30 तक ब्रह्माकुमारीज़ महादेव नगर अहमदाबाद द्वारा विश्व स्मरण मनाया गया।
बीके सब जोन महादेव नगर, अहमदाबाद द्वारा सड़क दुर्घटना में देह त्यागनेवाले दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पण
तारीख: 24 नवंबर 2024, शाम 5 से 6:30 तक ब्रह्माकुमारीज़ महादेव नगर अहमदाबाद द्वारा विश्व स्मरण मनाया गया।
सड़क दुर्घटना में अपना देह त्याग करने वाली 12 दिवंगत आत्माओ को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मिडिया विंग के डॉ राजेश भोजक ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा नवंबर मास के तीसरे रविवार को विश्व स्मरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी उपलक्ष्य में महादेवनगर ब्रह्माकुमारीज़ एवं ट्रांसपोर्ट विंग के संयुक्त उपक्रम से नवंबर मास के 30 तारीख तक सड़क दुर्घटना में देह का त्याग किए हुए भाई बहनों के लिए श्रद्धांजलि का कार्यक्रम सहित अन्य जागृति के कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहें हैं। ब्रह्माकुमारीज़ महादेव नगर, अहमदाबाद की ओर से सड़क दुर्घटना में मृत आत्माओं को शांति प्राप्त हो इस हेतु से प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। जिसमें12 से भी ज्यादा भाई बहनों के परिवारों को भी आमंत्रित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत भजन से की गई ।असिस्टेंट कमिश्नर डॉक्टर अशोक जेठवा ने इस उपलक्ष में साझा करते हुए कहा कि हमारी मानसिक अस्वस्थ के कारण, सड़क नियम मर्यादाओं को उल्लंघन के कारण, अज्ञानता के वश, हड़बड़ी के वश इस तरह से दुर्घटना होती है।. इसलिए हम सभी को बहुत ही ध्यान से सड़क परिवहन नियम का पालन करना चाहिए।इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन सिर्फ श्रद्धांजलि के लिए ना हो ,लेकिन जागृति के लिए भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किया जाना चाहिए।
ब्रह्माकुमारीज़ राजयोग शिक्षिका बीके रीटा ने सभी मृत आत्माओं के लिए अपने शुभ भाव व्यक्त किए और आदरणीय बीके चंद्रिका बहन( उपाध्यक्ष युवा विंग एवं अध्यक्ष कला संस्कृति विंग) तथा डॉक्टर कोकिला बहन ने ज्योत जगाकर करके दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पण की।
दिवंगत आत्माओं के फैमिली में से शोभा पांचाल ने अपने बच्चों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हरेक का अपना-अपना पार्ट होता है। और इस बात को हमें स्वीकार करना होता है।क्योंकि जो हमारे हाथ में नहीं है उसके लिए चिंता करना ठीक नहीं है।सकारात्मक और स्वीकार भाव से हम अपने मानसिक संतुलन को बना सकते हैं।
आदरणीय बीके चंद्रिका दीदी ने आशीर्वचन के स्वरूप में सभी को जागृति देते हुए कहा जो कोई भी सड़क दुर्घटना होती है वह सिर्फ अपनी भूल से नहीं होती कई बार अपनी भूल न होते हुए भी इस तरह से दुर्घटना होती रहती है।हमें किसी को भी दोष नहीं देना चाहिए।आध्यात्मिकता के आधार से परिस्थिति का सामना करना चाहिए। क्योंकि हर आत्मा का अपना कर्म का हिसाब है।हर आत्मा को अपना हिसाब किताब चुक्त करना होता है।परमात्मा ने बताए हुए राह पर चलते हुए हमारे मन को, हमारे तन को स्वस्थ बनाए रखना है। जिससे आने वाली इस तरह की स्थिति का सामना हम कर सके. हर परिस्थिति में चिंता नहीं करनी चाहिए ,लेकिन हमें समस्या का समाधान ढूंढने के लिए प्रयास करना चाहिए। इस कलयुग का अपना महत्व है या अचानक मृत्यु का योग होने के बावजूद भी परमात्मा का अनुभव करने का योग है। यह अमृत पीने का श्रेष्ठ युग है।नया जीवन की प्रेरणा मिलती है। यहां से हमें नयी दिशा मिलती है ।इस भाव से हमें अपने जीवन जीने की कला को सीखनी चाहिए। हर परिस्थिति में बदलने के लिए ईश्वरीय ज्ञान को सुनना है, मेडिटेशन से मनोबल को बढ़ाना है।
बीके मनीषा बहन ने अपने भाई तथा बहन के एक्सीडेंट का समाचार और परमात्मा शक्ति की मदद को लेकर के अपना अनुभव सुनाया और सभी को प्रेरित किया कि मेडिटेशन और परमात्मा का सहयोग हमें किस तरह से शक्तिशाली बनाता है।
राजयोग की वरिष्ट शिक्षिका डॉक्टर बीके कोकिला बहन ने मेडिटेशन के द्वारा दिवंगत आत्माओं के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की एवं शांति और शक्ति का दान दिया।शांति के वाइब्रेशंस फैलाने की सेवाएं की।
अंत में सभी ने पुष्प अर्पण कर के श्रद्धांजलि दी।
बीके प्रितेषभाई ने सुचारु रूप से मंच संचालन किया।




