【स्नान -दान की अमावस्या -कल है 】
(जानते हैं अमावस्या का महत्व एवं पितृ प्रसन्न करने के उपाय)
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👉मार्गशीर्ष माह में पड़ने वाली अमावस्या को मार्गशीर्ष अमावस्या के नाम से जाना जाता है। पंचांग के अनुसार, इस साल की अंतिम अमावस्या 01 दिसंबर को मनाई जाएगी।
धार्मिक मान्यता है कि मार्गशीर्ष अमावस्या पर गंगा स्नान करने से जातक के सारे पाप कट जाते हैं। साथ ही भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के संग पितरों को पूजा-अर्चना और दान करने से जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के दुख और संताप से छुटकारा मिलता है। इसके अलावा जीवन में खुशियों का आगमन होता है।
(मार्गशीर्ष अमावस्या के उपाय)
👉अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस तिथि पर गंगा स्नान करने से जातक के सभी पाप खत्म होते हैं और तीर्थ स्नान के समान पुण्य की प्राप्ति होती है।
👉मार्गशीर्ष अमावस्या पर करें इन चीजों का दान, प्राप्त होगा पितरों का आशीर्वाद
इसके अलावा स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए। अर्घ्य देते समय ‘ऊँ सूर्याय नम:’ का जप करें। एक बात का विशेष ध्यान रखें कि सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल देना शुभ माना जाता है। इस दिन गुड़ और अन्न का दान करना चाहिए।
👉मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की पूजा-अर्चना करने का विधान है। इस दिन सुबह स्नान करने के बाद पीपल के पेड़ उपासना करें।
👉दीपक जलाकर पूजा करें। पितृ दोष से छुटकारा पाने के लिए पितरों का तर्पण करें। ऐसा माना जाता है कि इस काम को करने से जातक को सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
👉पितरों को शांति प्राप्ति के लिए मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन काले तिल का दान करें। इसके अलावा गरीबों या मंदिर में अन्न और धन का दान कर सकते हैं। मान्यता है कि इन चीजों का दान करने से जातक को पुण्य की प्राप्ति होती है।
👉मार्गशीर्ष अमावस्या का दिन धन संबंधी समस्या को दूर करने के लिए उत्तम माना जाता है। इस दिन लाल कपड़े में अलसी के बीज और कपूर को बांधकर बहते जल अर्पित कर दें। माना जाता है कि इस उपाय को करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और धन लाभ के योग बनते हैं।




