हड्डी का कमजोर होकर टूटना
हड्डी के अन्य रोगों का उपचार
अधिकतर अधिक आयु के लोगों को यह रोग होता है। यह कैल्शियम की कमी से होता है। इसकी कमी से यह बच्चों में भी हो सकता है क्योंकि इसकी कमी से बच्चों के हाथ-पैरों की ह़ड्डियां कमजोर हो जाती हैं। इस कारण से हल्का चोट लगने पर भी बच्चों की हड्डी टूट सकती हैं। सिर के बल गिरने से सिर में गड्ढे़ भी पड़ जाते हैं।
कारण
किसी ऊंचे स्थान से गिरना, दब जाना, टकराने से और चोट लगने से हड्डी टूट जाती है। इसे अस्थि भंग भी कहा जा सकता है।
लक्षण
हड्डी टूट जाने पर बहुत ही तेज दर्द होता है और शरीर में भी सूजन आ जाती है।
विभिन्न औषधियों से उपचार
मेथी
मेथी के बीजों का पाउडर 5 से 10 ग्राम बच्चों को 3 से 6 ग्राम खिलाने से हडि्डयां मजबूत होती हैं।
टमाटर
हडि्डयों की कमजोरी दूर करने के लिए टमाटर का सेवन उपयोगी है। टमाटर में फल और सब्जियों की अपेक्षा चूना अधिक पाया जाता है। चूना हडि्डयों को मजबूत बनाता है।
चूना
चूने को पानी में घोलकर छोड़ दें। कम से कम 6 घंटे बाद ऊपर से पानी निकालकर दूसरे बर्तन में या शीशी में डालकर रख दें। इसमें से 1 से 20 ग्राम रोज 3 बार खायें। इससे हड्डी की कमजोरी दूर होगी।
बबूल
बबूल के बीजों का पाउडर शहद मिलाकर चाटने से टूटी हुई हड्डी भी जुड़ जाती है।
बबूल की जड़ का 6 ग्राम चूर्ण-शहद और बकरी के दूध में मिलाकर पीने से तीन दिन में ही टूटी हुई हड्डी जुड़ जाती है।
शिलाजीत
लगभग 100 ग्राम शिलाजीत को 100 ग्राम पीपल के दूध में घोटकर मटर के बराबर गोलियां बना लें और 2-2 गोली सुबह-शाम दूध के साथ लेने से टूटी हुई हड्डी जल्दी भी जुड़ जाती है।
लगभग 1 से 3 ग्राम तक शुद्ध शिलाजीत नियमित गाय के दूध के साथ खाने से टूटी हुई हड्डी जुड़ जाती है।
मोरपंख
चूना और मक्खन मिलाकर लगा दें और ऊपर से मोर के पंख के रोयों की पट्टी बांधने से टूटी हुई हड्डी जुड़ जाती है। इसे 5 से 7 दिन बाद बदलते रहना लाभदायक भी है।
विजयसार
विजयसार की लकड़ी का चूर्ण 4 से 6 ग्राम तक सुबह-शाम दूध के साथ लेने से टूटी हुई हड्डी जुड़ जाती है और दर्द भी ठीक हो जाता है। साथ ही टूटी हुई हड्डी पर इसकी लकड़ी को घिसकर लेप भी करना चाहिए।
नारियल की गिरी
चार भाग नारियल की गिरी में एक भाग पिसी हुई हल्दी मिलाकर पोटली बांधकर गर्म-गर्म सेंक करना चाहिए।
गेहूं
लगभग15 ग्राम गेहूं जलाकर उसकी राख में उतना ही गुड़ और घी मिलाकर कुछ दिनों तक चाटने से चोट के दर्द में लाभ होता है।
सेंधानमक
सेंधानमक तथा खांड मिलाकर फंकी लेने से चोट की पीड़ा मिट जाती है।
हल्दी
हड्डी के टूटने पर नियमित हल्दी का सेवन करें। इससे फायदा मिलेगा। एक प्याज को पीसकर एक चम्मच हल्दी मिलाकर कपड़े में बांध लें। इसे तिल के तेल में रखकर गर्म करें और इससे फिर सेंक करें। कुछ देर तक सेंकने के बाद पोटली खोलकर दर्द वाले स्थान पर बांध दें। इससे हडि्डयों की कमजोरी दूर हो जाती है
सोयाबीन
सोयाबीन हडि्डयों से सम्बन्धित रोग जैसे हडि्डयों में क्षारता को दूर करता है। सोयाबीन को अपनाकर हम स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकते हैं। अस्थि क्षारता यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें हडि्डयां कमजोर हो जाती हैं और उसमें फैक्चर हो जाता है। हडि्डयां कैल्शियम लेना बंद कर देती है इसका परिणाम यह होता है कि हडि्डयां टूटती ज्यादा है और बनती कम हैं।
अर्जुन
अर्जुन की छाल दूध के साथ दें। इसमें सूजन तथा दर्द कम करने की शक्ति निहित है।
हड्डी टूटने पर, प्लास्टर चढ़ा हो, तो अर्जुन की छाल का महीन चूर्ण एक चम्मच की मात्रा में दिन में तीन बार एक कप दूध के साथ कुछ हफ्ते तक सेवन करने से हड्डी जल्द ही जुड़कर मजबूत हो जाती है। हड्डी जहां टूटी हो वहां पर छाल को घी में पीसकर लेप करें और पट्टी बांधकर रखें। इससे भी हड्डी शीघ्र जुड़ जाती है।
अर्जुन की छाल के बारीक चूर्ण की फंकी लेकर दूध पीने से टूटी हुई हड्डी जुड़ जाती है। चूर्ण को पानी के साथ पीसकर लेप करने से भी दर्द में आराम मिलता है।
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