——-: मासिक धर्म या मेंस्ट्रुएशन :——-मासिकधर्म, महिलाओं के आंतरिक अंगों के स्वच्छता की , एक प्राकृतिक प्रक्रिया है।(1) हर महिला के शरीर में दो अंडाशय (Ovary) होते है, जो महिलाओं की प्रजनन प्रणाली का हिस्सा होती है। यह गर्भाशय के दोनों तरफ निचले पेट में स्थित होती है। अंडाशय का मुख्य कार्य अंडे, एस्ट्रोजन एवं प्रोजेस्ट्रोन नामक हॉर्मोन्स का उत्पादन करना है।(2) अंडाशय का आकर (Size) महिलाओं की उम्र के साथ बदलता रहता है। मासिक चक्र के दौरान भी अंडाशय (Ovary) का आकर बदलता है।(3) हर महीने महिलाओं के दोनों अंडाशयों में से किसी एक अंडाशय में, एक अंडा परिपक्व (Mature) होता है और युटरीन ट्यूब यानि गर्भाशय नली के रास्ते नीचे यानि गर्भाशय (Uterus) में आने लगता है।(4) यही अगर इसे शुक्राणु (Sperm) मिल जाता है तो ये निषेचित (Fertilize) हो जाता है। इसी दौरान गर्भाशय गर्भावस्था (Pregnency) की तैयारी में लग जाती है। निषेचित हुए अंडे का स्वागत करने के लिए, गर्भाशय मुलायम कोशिकाएं बनाने लगती है। ताकि पूरी गर्भावस्था के दौरान सब कुछ ठीक रहता है।(5) लेकिन, जब अंडे को शुक्राणु (Sperm) नहीं मिलता, तो यहाँ इन कोशिकाओं की कोई आवश्यकता नहीं रहती। इसलिए इन कोशिकाओं और वो अंडा जो निषेचित नहीं हुआ, उन्हें शरीर से बहार निकलना पड़ताहै। यही है हर महीने होने वाली रक्त का बहाव (Bleeding), जिसे मासिक धर्म या Periods कहते हैं।
admin June 1, 2024
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