May 2, 2026
વરિષ્ઠ પત્રકાર વસંત મહેતા પોતાના મિડીયા ગુરુઓને યાદ કરે છે ભણવું તું પણ ભણાયું નહીં છતાં આજે...
दुर्ग (छत्तीसगढ़)- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय “आनंद सरोवर” में प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रानिक मीडिया से जुड़े हुए समस्त पत्रकार बंधुओ के लिए रक्षा बंधन व स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसमें 30 की संख्या में पत्रकारगण उपस्थित हुए जिसमें वरिष्ठ पत्रकार बृजेश मिश्रा, अजय जाधव, पुनीत कौशिक, धनेन्द्र चंदेल अविराज चावला (वाइस चेयरपर्सन समेटेक यूनिवर्सिटी भोपाल ), ब्रह्माकुमारी रीटा बहन (संचालिका) ब्रह्माकुमारीज दुर्ग व ब्रह्माकुमारी चैतन्यप्रभा ने मिलकर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया ।ब्रह्माकुमारी रीटा बहन ने परमात्मा के इस कार्य को समग्र विश्व में प्रत्यक्ष करने में अपना अमूल्य सहयोग देने वाले सभी पत्रकार बंधुओ के प्रति अपना आभार प्रदर्शन करते हुए कहा कि आप सबके निःस्वार्थ सहयोग से परमात्मा का यह संदेश दिन प्रतिदिन अनेक मनुष्य आत्माओं तक पहुंच रहा है जिसके लिए हम आप सभी का हृदय से धन्यवाद करते हैं ।ब्रह्माकुमारी चैतन्य प्रभा बहन ने रक्षाबंधन के यथार्थ रहस्य जो की निराकार परमपिता परमात्मा “शिव” हमें बताया है उसे सभी को सुनाते हुए कहा कि रक्षाबंधन का आध्यात्मिक रहस्य क्या है ? रक्षाबंधन मे दो शब्द है रक्षा और बंधन ,सबसे पहले तो हमें यह जानना है की रक्षा किसकी और किसे और परम रक्षक कौन है ? रक्षा सिर्फ यह नहीं की बहन भाई की कलाई में राखी बांधने और भाई बहन की रक्षा करे आज रक्षा की जरूरत तो सभी को चाहे वह भाई है या बहन हो वास्तव में हम सभी सभी ज्योति बिंदु आत्मा है शरीर को चलने वाली शक्ति आत्मा है और आज हर आत्मा को रक्षा की आवश्यकता है किससे रक्षा, स्वयं के अंदर की बुराई कमी कमजोरी विकारों से रक्षा क्योंकि यही हमारे कर्म को बिगड़ते हैं तो हमें अपने अंदर की कोई बुराई को छोड़ने का संकल्प लेना है तो यह है स्वयं से स्वयं की रक्षा दूसरा है परम रक्षक कौन ? जो कि स्वयं परमपिता परमात्मा “शिव” है जब हम उनके साथ अपना मीठा संबंध जोड़ते हैं तो उनकी याद की शक्ति हमारी रक्षा करती है और जब हम उनसे राजयोग मेडिटेशन द्वारा संबंध जोड़ते हैं तो हमारे मस्तक पर जैसे कि भाग्य का तिलक लग जाता है और हम अपने जीवन में सहज ही आगे बढ़ने लगते हैं तो परमात्मा से रोज सवेरे 10 मिनट अपना संबंध जोड़कर उनसे दिल की बातें करें ।कार्यक्रम में आए हुए सभी पत्रकार बंधुओं को रीटा बहन ने परमात्मा का रक्षा सूत्र बांधा व ईश्वरीय वरदान व प्रसाद प्रदान किया । दुर्ग प्रेस क्लब के द्वारा सभी पत्रकार बंधुओं के द्वारा रीटा बहन व चैतन्य प्रभा बहन का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया । कार्यक्रम के समापन में सभी को चैतन्य प्रभा बहन ने राजयोग अनुभूति कराई ।प्रति संवाददाता महोदयसादर प्रकाशनार्थ हेतुईश्वरीय सेवा मेंमिडिया प्रभागब्रहमाकुमारीज दुर्ग

दुर्ग (छत्तीसगढ़)- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय “आनंद सरोवर” में प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रानिक मीडिया से जुड़े हुए समस्त पत्रकार बंधुओ के लिए रक्षा बंधन व स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसमें 30 की संख्या में पत्रकारगण उपस्थित हुए जिसमें वरिष्ठ पत्रकार बृजेश मिश्रा, अजय जाधव, पुनीत कौशिक, धनेन्द्र चंदेल अविराज चावला (वाइस चेयरपर्सन समेटेक यूनिवर्सिटी भोपाल ), ब्रह्माकुमारी रीटा बहन (संचालिका) ब्रह्माकुमारीज दुर्ग व ब्रह्माकुमारी चैतन्यप्रभा ने मिलकर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया ।ब्रह्माकुमारी रीटा बहन ने परमात्मा के इस कार्य को समग्र विश्व में प्रत्यक्ष करने में अपना अमूल्य सहयोग देने वाले सभी पत्रकार बंधुओ के प्रति अपना आभार प्रदर्शन करते हुए कहा कि आप सबके निःस्वार्थ सहयोग से परमात्मा का यह संदेश दिन प्रतिदिन अनेक मनुष्य आत्माओं तक पहुंच रहा है जिसके लिए हम आप सभी का हृदय से धन्यवाद करते हैं ।ब्रह्माकुमारी चैतन्य प्रभा बहन ने रक्षाबंधन के यथार्थ रहस्य जो की निराकार परमपिता परमात्मा “शिव” हमें बताया है उसे सभी को सुनाते हुए कहा कि रक्षाबंधन का आध्यात्मिक रहस्य क्या है ? रक्षाबंधन मे दो शब्द है रक्षा और बंधन ,सबसे पहले तो हमें यह जानना है की रक्षा किसकी और किसे और परम रक्षक कौन है ? रक्षा सिर्फ यह नहीं की बहन भाई की कलाई में राखी बांधने और भाई बहन की रक्षा करे आज रक्षा की जरूरत तो सभी को चाहे वह भाई है या बहन हो वास्तव में हम सभी सभी ज्योति बिंदु आत्मा है शरीर को चलने वाली शक्ति आत्मा है और आज हर आत्मा को रक्षा की आवश्यकता है किससे रक्षा, स्वयं के अंदर की बुराई कमी कमजोरी विकारों से रक्षा क्योंकि यही हमारे कर्म को बिगड़ते हैं तो हमें अपने अंदर की कोई बुराई को छोड़ने का संकल्प लेना है तो यह है स्वयं से स्वयं की रक्षा दूसरा है परम रक्षक कौन ? जो कि स्वयं परमपिता परमात्मा “शिव” है जब हम उनके साथ अपना मीठा संबंध जोड़ते हैं तो उनकी याद की शक्ति हमारी रक्षा करती है और जब हम उनसे राजयोग मेडिटेशन द्वारा संबंध जोड़ते हैं तो हमारे मस्तक पर जैसे कि भाग्य का तिलक लग जाता है और हम अपने जीवन में सहज ही आगे बढ़ने लगते हैं तो परमात्मा से रोज सवेरे 10 मिनट अपना संबंध जोड़कर उनसे दिल की बातें करें ।कार्यक्रम में आए हुए सभी पत्रकार बंधुओं को रीटा बहन ने परमात्मा का रक्षा सूत्र बांधा व ईश्वरीय वरदान व प्रसाद प्रदान किया । दुर्ग प्रेस क्लब के द्वारा सभी पत्रकार बंधुओं के द्वारा रीटा बहन व चैतन्य प्रभा बहन का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया । कार्यक्रम के समापन में सभी को चैतन्य प्रभा बहन ने राजयोग अनुभूति कराई ।प्रति संवाददाता महोदयसादर प्रकाशनार्थ हेतुईश्वरीय सेवा मेंमिडिया प्रभागब्रहमाकुमारीज दुर्ग

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આ વર્ષે ગુરુપૂર્ણિમા કેવી રીતે ઉજવવી?-ગુરુદેવ શ્રી શ્રી રવિશંકર આત્મજ્ઞાની ગુરુની હાજરીમાં જ્ઞાન વૃદ્ધિ થાય છે, દુઃખ-તકલીફો...